Saturday, 17 September 2011

क्या लिखू.....

लिखो, कुछ तो लिखो तुम,
मेरे दिल के कागज़ पर कुछ तो लिखो तुम,
मेरी ख्वाइश है, मेरे दिल के पन्नो में रंग भर दो तुम,
लिखो, कुछ तो लिखो तुम,

क्या पता नहीं तुम्हे, की मरे लिए खास हो तुम,
मेरे आने वाले कल का एहसास हो तुम,
लिखो, कुछ तो लिखो तुम,

पलके मूंदू तो तुम्हे देखू, आँखें खोलू तो तुम्हे सोचू,
जो आ जाओ तुम मेरे सामने, तो तुम्हे भाओं में भर लू,
लिखो, कुछ तो लिखो तुम,










3 comments:

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  3. Alaffaz bhaut khoob hai apke, Khoob likha bhi hai aapne jikkar kiya pyar ka, kya pta vo shaks hai bhaut karib apke.

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