कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
मैं हूँ तू हैं , तू हैं मैं हूँ फिर क्या कमी सनम
तू है मेरा आसमां और मैं तेरी ज़मीं सनम
तेरी सांसें मेरी साँसें एक हो जाए सनम
फासले कुछ ना रहे आ के लग जा तू गले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं प्यार के सिलसिले
तेरे लब और मेरे लब दोनों हैं खामोश से
तूने मुझको मैंने तुझको भर लिया आगोश में
मैं ना जानू तू ना जाने प्यार कैसे हो गया
जबसे देखा तुझको चैन दिल का खो गया
रास्ता हो कितना लंबा कितनी भी हो मुश्किलें
वादा करले आ सनम ज़िन्दगी भर संग चले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
रोज़ होते नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
मैं हूँ तू हैं , तू हैं मैं हूँ फिर क्या कमी सनम
तू है मेरा आसमां और मैं तेरी ज़मीं सनम
तेरी सांसें मेरी साँसें एक हो जाए सनम
फासले कुछ ना रहे आ के लग जा तू गले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं प्यार के सिलसिले
तेरे लब और मेरे लब दोनों हैं खामोश से
तूने मुझको मैंने तुझको भर लिया आगोश में
मैं ना जानू तू ना जाने प्यार कैसे हो गया
जबसे देखा तुझको चैन दिल का खो गया
रास्ता हो कितना लंबा कितनी भी हो मुश्किलें
वादा करले आ सनम ज़िन्दगी भर संग चले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
No comments:
Post a Comment