Tuesday, 20 September 2016
आम आदमी
वही सुबह होती है और वैसी ही शाम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
चाहे बचपन की पढाई,जवानी का पेशा या भुढापे का सत्संग हो
अपनी ज़िन्दगी अपनी नहीं किसी और ही के नाम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
सपने भी इतने छोटे की खुद की भी नज़र नहीं आते
फिर रोज़ की उठा पटक में बस ज़िन्दगी बदनाम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
चाहे बचपन की पढाई,जवानी का पेशा या भुढापे का सत्संग हो
अपनी ज़िन्दगी अपनी नहीं किसी और ही के नाम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
सपने भी इतने छोटे की खुद की भी नज़र नहीं आते
फिर रोज़ की उठा पटक में बस ज़िन्दगी बदनाम होती है
आम आदमी की ज़िन्दगी भी बहुत आम होती है
JHANSI KI RANI
वो देश की थी बेटी
जो किसी से ना डरी
अपने लोगों के लिए
अंग्रेजो से जा लड़ी
आज़ादी की आशा
दिल में जिसने जगाई
ऐसी वीरांगना युवती थी
रानी लष्मी बाई
Today I Will Tell about
A Very Brave lady
This is real story
So you better be ready
Daughter of nation
Not afraid of anyone
With a mere sword
Stood in front of English gun
She challenged injustice
She challenged English rule
A Lady against an army
Isn't it cool
With her courage and bravery
Hopes of freedom were high
Such a strong lady was
RANI LAXMI BAI
जो किसी से ना डरी
अपने लोगों के लिए
अंग्रेजो से जा लड़ी
आज़ादी की आशा
दिल में जिसने जगाई
ऐसी वीरांगना युवती थी
रानी लष्मी बाई
Today I Will Tell about
A Very Brave lady
This is real story
So you better be ready
Daughter of nation
Not afraid of anyone
With a mere sword
Stood in front of English gun
She challenged injustice
She challenged English rule
A Lady against an army
Isn't it cool
With her courage and bravery
Hopes of freedom were high
Such a strong lady was
RANI LAXMI BAI
मुमकिन नहीं
कह दो कह दो ना
जो भी है दिल में सनम
देखो देखो ना कभी फुर्सत से मिल के सनम
कितना प्यार है ये बताना ही मुमकिन नहीं
कैसे कहूँ तुझसे दूर जाना ही मुमकिन नहीं
तू है मेरी ये झुठलाना ही मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
जो भी है दिल में सनम
देखो देखो ना कभी फुर्सत से मिल के सनम
कितना प्यार है ये बताना ही मुमकिन नहीं
कैसे कहूँ तुझसे दूर जाना ही मुमकिन नहीं
तू है मेरी ये झुठलाना ही मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
मुमकिन नहीं
हम एक हैं
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
मैं हूँ तू हैं , तू हैं मैं हूँ फिर क्या कमी सनम
तू है मेरा आसमां और मैं तेरी ज़मीं सनम
तेरी सांसें मेरी साँसें एक हो जाए सनम
फासले कुछ ना रहे आ के लग जा तू गले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं प्यार के सिलसिले
तेरे लब और मेरे लब दोनों हैं खामोश से
तूने मुझको मैंने तुझको भर लिया आगोश में
मैं ना जानू तू ना जाने प्यार कैसे हो गया
जबसे देखा तुझको चैन दिल का खो गया
रास्ता हो कितना लंबा कितनी भी हो मुश्किलें
वादा करले आ सनम ज़िन्दगी भर संग चले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
रोज़ होते नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
मैं हूँ तू हैं , तू हैं मैं हूँ फिर क्या कमी सनम
तू है मेरा आसमां और मैं तेरी ज़मीं सनम
तेरी सांसें मेरी साँसें एक हो जाए सनम
फासले कुछ ना रहे आ के लग जा तू गले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं प्यार के सिलसिले
तेरे लब और मेरे लब दोनों हैं खामोश से
तूने मुझको मैंने तुझको भर लिया आगोश में
मैं ना जानू तू ना जाने प्यार कैसे हो गया
जबसे देखा तुझको चैन दिल का खो गया
रास्ता हो कितना लंबा कितनी भी हो मुश्किलें
वादा करले आ सनम ज़िन्दगी भर संग चले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
कौन जाने फिर कहाँ हम कब मिले
रोज़ होते ही नहीं ये सिलसिले
आज जो मिले तो एक दूसरे में हम खो जाएं
दुनिया समझे दो है हम पर एक हम हो जाए
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