Wednesday, 5 December 2018

Birthday Special

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
ज़िंदादिली अभी भी वही है

मुश्किलों से लड़ने का हौसला कल भी था
खतरों से खेलने का जूनून आज भी है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
.....

कोई हमसे सीखे खुल के जीना
वैसे तो जिंदगी में कमियां कई है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
.....

हम नहीं डरते शाम के अँधेरे से
के जानते है होनी कल सुबह एक नई है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
.....

तज़ुर्बा कमाया है, संजीदगी नहीं
के बचपना हममें आज भी वही है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
.....

जिंदगी  रास्ते में कई रिश्तें जोड़े है,
पर पुराने रिश्तों को भुलाया नहीं है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
.....

बहुत रोका है, टोका है, ज़माने ने हमको
पर हमनें अपना अंदाज़ बदला नहीं है

उम्र एक साल बेशक़ बढ़ी  है,
ज़िंदादिली अभी भी वही है